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गणित की तैयारी कैसे करें

एक नजर इधर भी: -

परीक्षा हेतु गणित कैसे पढ़े

मित्रों , गणित को हमेशा से एक डरावना विषय मानने की भूल लोग करते है और इसी पूर्वाग्रह के चलते लोग यह मानकर चलते है की किसी प्रतियोगी परीक्षा में गणित के २० पूछे गए प्रश्नों में १०% से अधिक ठीक होने की संभावना नहीं है और यह डर अक्सर छात्रों को ले डूबता है.

संस्कृत में एक कहावत है-
"तावद् भयस्य भेतव्यम यावद् भयमनागतम
आगतं तू भयं वीक्ष्यं प्रतिकुर्याद यथोचितं"

इसका अर्थ है की "भय से तब तक डरना चाहिए जब तक वो सामने न आ जाये और यदि वो सामने आ जाये तो उसका बढ़कर स्वागत करना चाहिए".

आज के वर्तमान युग में गणित एक ऐसी हकीकत है जिससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता है और आप ऐसे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के बारे में सोचिये जिसमे गणित पर सवाल न आते हों तो शायद ही आपके जहन में कोई नाम आये.
गणित की इसी सार्वभौमिकता की वजह से गौस ने इसे "सभी विषयों की रानी" कहा है.
और यह बात कुछ हद तक उचित भी है क्योंकि यदि आपने सचमुच ही गणित से प्यार कर लिया तो यह आपका साथ हर बुरे वक्त में देती है और इसके इसी गुण के कारन वेदों में भी गणित को सर्वोच्च स्थान दिया गयाहै,

"यथा शिखा मयूराणां , नागानां मणयो यथा ।
तद् वेदांगशास्त्राणां , गणितं मूर्ध्नि वर्तते ॥"

जैसे मोरों के सिर पर शिखा और नागों के सर पर मणि शोभा पाती है , वैसे ही सभी वेदांग और शास्त्रों मे गणित का स्थान सबसे उपर है ।

आइये गणित की इसी यात्रा को हम साथ- साथ निकले और उन सारे कंटीले रास्तों, पेड़, पर्वत को पार करने की कोशिश करे जिससे गणित का राह सुगम बने.
प्रतियोगिता परीक्षा और गणित प्रतियोगी परीक्षा में गणित का सिलेबस विशेषकर – अंकगणित, बीजगणित, त्रिकोंमिति, सांख्यकी से आते है और अधिकांश परीक्षा चाहे वो किसी अफसर का हो या किसी साधारण सी नौकरी कागणित के प्रश्न अवश्य आते हैं. परीक्षा की तैयारी के लिए यह आवश्यक है की आपको पूर्ववर्ती कक्षा की भरपूर जानकारी हो अन्यथा जैसे बिना मजबूत नीव के मकान कमजोर रहता है वैसे ही बिना गणित के अच्छे नीव के आपके गणित का ज्ञान कमजोर रहेगा.
अतः आवश्यक है की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी से पूर्व सभी अध्याय की महत्वपूर्ण बातें , सूत्र , प्रमेय इत्यादि को आप याद रख्रें .

क्या करें :- परीक्षा की तैयारी से पूर्व

1. प्रत्येक परीक्षा के गणित सेक्शन का सिलेबस आपको पता होना चाहिए। सिलेबस से अवगत रहने से आपको अपने मजबूत और कमज़ोर पक्षों की जानकारी होती है।

2. गणित पेपर को हल करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण टिप है कि आप अपनी गति को सुधारें।गणित में आपकी गति तभी ठीक होगी जब आप नियमित अभ्यास की आदत बनायेंगे और साथ ही अभ्यास प्रश्नों को समय प्रबंधन करना सुनिश्चित करने में आप कामयाब हों.

3. पिछले वर्षों के पेपर हल करें। इससे प्रश्नों के पैटर्न को समझने में और उन्हें हल करने में काफ़ी मदद मिलती है। इससे आप प्रत्येक विषय की कठिनाई का स्तर भी जान पाएंगे।

4. 25 तक पहाड़े, 50 तक के वर्गमूल, 15 तक के घन, 15 तक के घन मूल और बुनियादी एल्जेब्रा के फॉर्मूले याद कर लें। साथ ही जरुरत है की आपको दो संख्या के बीच की अभाज्य संख्या निकालना, भाज्यता की जांच, भिन्न शांत है या अशांत, लघुत्तम, महत्तम जैसे बुनियादी बातें आना आवश्यक है.

5. उन विषयों के बुनियादी कॉनसेप्ट को समझें जिनका उल्लेख सिलेबस में किया गया है। यदि आप कहीं किसी विषय पर अटक जाते हैं तो संदर्भ पुस्तकों का सहारा लें और इसके लिए आप किसी शिक्षक की मदद ले सकते हैं या कोई अच्छे प्रकाशक की पुस्तक अवश्य पढ़ें । कोई भी विषय ना छोड़ें तब भी जब आपको लगे कि अपेक्षाकृत अधिक महत्वपूर्ण नहीं है क्योंकि प्रश्न कहीं से भी पूछे जा सकते हैं।

6. कोशिश करें कि अपने ही शॉर्टकट तरीके अपनाएं. अंकगणित के लिए आप वैदिक गणित , मैथ्स मेड इजी जैसी पुस्तकों से सैकड़ों नियम सीख सकते है जो आके अंकगणित में गणना करना आसान हो जाये.

7. जहाँ तक सम्भव हो बाजार या ऑनलाइन उपलब्ध मॉक टेस्ट और प्रश्न बैंक को हल करें। इससे आपको पता चलता है कि किस प्रकार प्रश्नों को सेट किया जाता है। नए ट्रिक्स और याद करने के स्मार्ट तरीके अपनाएं ताकि आप समय और परिश्रम का कुशल प्रयोग कर सकें।

8. परीक्षा पूर्व आप उन गलतियों को जरुर दूर करने की कोशिश करें जिसमे आप अपने आपको असहज महसूस करते हों और इसके लिए यह आवश्यक है कि अपनी सभी गलतियों की एक लिस्ट बनायें. करणी पर आधारित सवालों में अक्सर छात्र गलती करते हैं,साथ ही बीजगणित में अचर और चर को लोग जोड़ने की गलती भी करते दिखते हैं.
द्विघात समीकरण के सवाल में भी दो मूल लेने के बजाय कई बार एक धनात्मक मूल लेने की भूल कर अपने अंक गँवा लेते है ऐसी अनेकों गलतियों से आप सावधानीपूर्वक बच सकते हैं.

9. त्रिकोंमिति के सभी सूत्र और कोणों के मान – 30, 45, 60, 90 का मान सभी निष्पति – sin, cos, tan, cot,sec, cosec के लिए याद कर लें.
साथ ही पाइथागोरस त्रिक (3,4,5), (6,8,10), (7, 24, 25), (8, 15,17), (9, 40, 41)... याद करें जिससे त्रिकोंमिति के सूत्र निकालने में आपको आसानी होगी.

10. अंकगणित में आप – लाभ और हानि ,साधारण और चक्रवृद्धि व्याज , समय, दूरी और काम, लघुत्तम , सांख्यिकी , प्रायिकता जैसे ऐसे सवाल हैं जो परीक्षा में अवश्य आते है और इन्हें थोड़ा सा ध्यान देकर सीखा जा सकता है.

11. क्षेत्रमिति के सवाल अधिकांशतः सूत्र पर आधारित होते है जिसके लिए किसी विशेष योग्यता की आवश्यकता नहीं है, अगर आपको सूत्र में पकड़ है और आप थोड़ी सी सावधानी बरतें तो अवश्य ही इस प्रकार के प्रश्नों को हल कर पाएंगे.

टाइम मेनेजमेट कैसे करें :-

परीक्षा में समय प्रवंधन ही सबसे महत्वपूर्ण विषय है जिसे आप नियंत्रण कर अपनी सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं पर ऐसा तभी कर पाएंगे जब आपकी तैयारी अच्छी हो और आप परीक्षा पूर्व नियोजित रूप से काम कर चुकें हो.
आपको गणना करने की द्रुत विधि जैसे- वैदिक विधि आपको आती हो.
अंकगणित और बीजगणित के सभी सूत्र भी आपको आते हो और आपने कई टेस्ट दे रखा हो.
परीक्षा में आप शांतचित होकर जाएँ जिससे आपको घबराहट न हो और आप प्रश्नों को हल करने में आनंद का अनुभव करें.
कठिन प्रश्नों को बाद में हल करें इसके लिए आप प्रश्न हल करने का तरीका पंक्तिबद्ध न होकर मिश्रित और आसान से कठिन कोअपनाएं. यदि 1 घंटे में आपको 60 प्रश्न हल करने है तो इसका अर्थ हुआ की आप 1 मिनट में 1 प्रश्न हल करेंगे यदि 15 -20 प्रश्न हल करने के बाद यह लगता हो की आपकी गति अनुकूल नहीं है तो स्पीड बढ़ाने की आवश्यकता है साथ ही कछुए और खरगोश की कहानी भी आप भूले न.
सही समय प्रवंधन से आपको अपने उत्तर को दुबारा जांच करने के लिए समय बच जायेगा अन्यथा आप सारे प्रश्न जानते हुए भी हलनहीं कर पाएंगे.
आजकल परीक्षा में निगेटिव मार्किंग स्कीम भी रहता है अतः आपकी स्पीड के साथ यह भी जरुरी है की आप गलत सवालों के हल अटकल में न करें अन्यथा लेने के देने पड़ सकते हैं.
मान लीजिये की आपने चार उत्तर गलत किये तो 0.25 के हिसाब से 1 अंक गँवा दिए.
परीक्षा में जहाँ लाखों छात्र बैठते है वहां 0.25 अंक की अपनी महत्ता है.
कामयाबी हासिल करने का मंत्र कामयाबी हासिल करने के लिए संयमित होना आवश्यक है साथ ही विषय पर पूरी पकड़ के साथ नियमित अभ्यास करते रहें.
हर फॉर्मूले की एप्लीकेशन आनी चाहिए यह जरुरी है.
चैप्टर वाइजफॉर्मूले अच्छी तरह याद कर लें और उनका निरंतरअभ्यास करें। पेपर हल करते समय यह कोशिश करते रहें की सारे प्रश्न तय समय से पहले हो जाये औरजब भी आप हल करने बैठें तो प्रश्न के अंतिम प्रश्न तक हल करें न कि विश्राम करते हुए कई सिटिंग में इसे हल करें.
स्पीड को हासिल करने के लिए जरुरी है कि आप वैदिक गणित या अन्य क्विकर गणित की विधि जरुर सीखे और इसका अप्प्लीकेशन भी करते रहें नहीं तो अक्सर यह देखा जाता है की आपको बहुत सारे शोर्ट कट आते है पर जब उसे इस्तेमाल का असली समय आता है तो आप भूल जाते है और इसे तभी आप ठीक कर पाएंगे जब आपको हर सूक्ष्म विधि पर कई सारे सवालों को हल करने का अभ्यास हो.
गणित आपके स्कोर ग्राफ उठाने में अहम् भूमिका निभा सकता है अतः इस विषय के साथ आपकी दोस्ती अटूट हो.
गणित के सूत्र रटने भर से आपको गणित नहीं आ सकती खासकर जब आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे है तो आपको विषय पर पकड़, सूक्ष्म विधि, आधारभूत प्रमेय, वर्ग, घन, अंकगणित, बीजगणित , पर बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्नों की सूची के साथ साथ विषयवार अध्ययन वो भी समय की मर्यादा देखते हुए नियमित रूप से करने की जरूरत है.

गणित के विषय में प्रचलित एक मशहुर कविता है जिसका हिंदी रूपांतरण कुछ इस तरह है –
"यह काफी अच्छा होगा की आप कुछेक का सब कुछ पढ़े न कि सभी अध्याय का कुछ-कुछ पढ़े और इससे बढ़िया बात कोई नहीं यदि आप सब अध्याय का सब कुछ पढ़ें".

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